Dhanteras 2021 Muhurat : Best Timing to Do Dhanteras Puja

Happy Dhanteras Muhurat

Dhanteras Muhurat Timing
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Happy Dhanteras 2021 to All. I will explain Dhanteras 2021 Muhurat and Dhanteras Timing. Dhanteras is the festival which is celebrated by the million people In India and In Nepal because in both countries Hindus are in huge. i also Write post about Dhanteras Wishes and Dhanteras wishes in marathi as well. please go check this out Below.

Dhanteras 2021 Muhurat Timing

  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 5 बजकर 5 मिनट से 5: बजकर 29 मिनट तक 
  • प्रदोष काल - शाम 5 बजकर 35 मिनट से 8 बजकर 14  मिनट तक 
  • अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक 
  • त्रिपुष्कर योग -  सुबह 6 बजकर 6 मिनट से 11 बजकर 31 तक। इस योग में खरीदारी शुभ रहेगी। 
  • धनतेरस मुहूर्त - शाम 6 बजकर 18 मिनट से 8 बजकर 11 मिनट तक 
  • वैधृति योग -  आज शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा उत्तरा 
  • फाल्गुनी नक्षत्र - सुबह 11 बजकर 44 मिनट तक 
  • हस्त नक्षत्र - सुबह 11 बजकर 45 मिनट से 3 नवंबर सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक।

Dhanteras Puja Vidhi in English

Pooja Vidhi: Step 1- Step 1 is the Dhanteras Puja vidhi that is done by lighting earthen lamp for Yaman. Light the earthen lamp as an offering to Lord Yama. Then get a wooden slab and make swastik with rangoli on it. Now place the earthen lamp in the middle and light it. Then take a cowry shell with hole and place it in the earthen lamp, and sprinkle holy water (Gangajal) for three times around the lamp. Make tilak of holi on the lamp and put raw whole rice on the tilak. Add some sugar in the lamp and put a 1 rupee coin in it. Then offer some flowers to the earthen lamp and do pranam to the lamp. Offer this tilak to all the family members and then place this lamp outside the entrance gate of your home. The lamp must be placed in the right side of the door so that the flame faces the south direction.

Pooja Vidhi: Step 2- Here again, first, light the earthen lamp as adoration to Lord Yaman. Then go to your puja room and recite the Dhanwantari Mantra for 108 times. The mantra is: “Om Dhan Dhanvantaraye Namah” “ धं धन्वन्तरये नमः. Once the chanting is done, say “O Lord Dhanwantari!. “I offer this recitation at your lotus feet. Please bless us good health”.

Pooja Vidhi: Step 3- This is about how to do Laxmi and Ganesh puja on Dhanteras. Panchopchar puja, the puja of Goddess Laxmi and Lord Ganesh, is followed just after the Dhanwantari puja. To perform this ceremony, first offer prayers to Ganeshji. Then offer him the earthen lamp, dhoop, flowers and sweets (naivedya).

Dhanteras Pooja Vidhi in Hindi

धनतेरस का महत्व

दिवाली के त्यौहार की शुरुआत धन तेरस से होती है। धन का मतलब पैसा और सम्पति होता है और तेरस कृष्णा पक्ष का तेरवां दिन है। यह कार्तिक मॉस में आता है। हिन्दू समाज में धनतेरस सुख-समृद्धि, यश और वैभव का पर्व माना जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देव धन्वंतरि की पूजा का बड़ा महत्त्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाए जाने वाले इस महापर्व के बारे में स्कन्द पुराण में लिखा है कि इसी दिन देवताओं के वैद्य धन्वंतरि अमृत कलश सहित सागर मंथन से प्रकट हुए थे, जिस कारण इस दिन धनतेरस (Dhanteras) के साथ-साथ धन्वंतरि जयंती भी मनाई जाती है।

धनतेरस पूजा विधि

एक लकड़ी के बेंच पर रोली के माध्यम से स्वस्तिक का निशान बनाये।

फिर एक मिटटी के दिए को उस बेंच पर रख कर जलाएं।

दिए के आस पास तीन बारी गंगा जल का छिडकाव करें।

दिए पर रोली का तिलक लगायें। उसके बाद तिलक पर चावल रखें।

दिए में थोड़ी चीनी डालें।

इसके बाद 1 रुपये का सिक्का दिए में डालें।

दिए पर थोड़े फूल चढायें।

दिए को प्रणाम करें।

परिवार के सदस्यों को तिलक लगायें।

अब दिए को अपने घर के गेट के पास रखें। उसे दाहिने तरह रखें और यह सुनिश्चित करें की दिए की लौं दक्षिण दिशा की तरफ हो।

इसके बाद यम देव के लिए मिटटी का दिया जलायें और फिर धन्वान्तारी पूजा घर में करें।

अपने पूजा घर में भेठ कर धन्वान्तारी मंत्र का 108 बार जाप करें। धन धनवंतारये नमः

जब आप 108 बारी मंत्र का जाप कर चुके होंगे तब इन पंक्तियों का उच्चारण करेंहै धन्वान्तारी देवता में इन पंक्तियों का उच्चारण अपने चरणों में अर्पण करता हूँ।

धन्वान्तारी पूजा के बाद भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पंचोपचार पूजा करना अनिवार्य है।

भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के लिए मिटटी के दियें जलाएं। धुप जलाकर उनकी पूजा करें। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के चरणों में फूल चढायें और मिठाई का भोग लगायें।

Conclusion

The Diwali festival or the festival of lights is believed to ward off the evil forces by the scared light of the earthen lamps. The bright decoration of the festival is like an invitation to the good times. May your Diwali be an awesome one with the blessing of Goddess Laxmi.

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